न चाँद की चूड़ी , न रात का काजल , न झूठे ख्वाब दूंगा
आशिक़ हूँ , मांग कर देख , मुहब्बत बेहिसाब दूंगा
न वो रेशमी लिबास , न बरेली का झुमका , न शायराना जवाब दूंगा
आशिक़ हूँ , मांग कर देख , मुहब्बत बेहिसाब दूंगा
न हीरों का हार , न केसर की लाली , न पीने को नशीली शराब दूंगा
आशिक़ हूँ , मांग कर देख ,मुहब्बत बेहिसाब दूंगा
न कालीन बिछी ज़मीं , न चमचमाती दीवारें , न काटों से बचने वाली जुराब दूंगा
आशिक़ हूँ , मांग कर देख , मुहब्बत बेहिसाब दूंगा
न कन्नौज का इत्र , न बनारस का पान , न बालों में लगाने को गुलाब दूंगा
आशिक़ हूँ , मांग कर देख , मुहब्बत बेहिसाब दूंगा
न सोने की कर्धन , न राज सिंघासन , न मशहूर करने वाला खिताब दूंगा